सामाजिक और राजनैतिक समस्याओं पर आधारित प्रश्नोत्तर सहित OSHO Talks भारत के प्राणों की प्रत्यंचा टूटी पड़ी है; उसे सपनों का तीर चाहिए, जो भविष्य की तरफ उन्मुख हो। और सारी शक्ति हम लगा दें, तो कोई कारण नहीं है, दुनिया के दूसरे लोग जो कर रहे हैं वह हम न कर सकें।
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\n● जिंदगी अध्यात्म और भौतिकता का समन्वय है
\n● जगत माया और सपना नहीं है , जगत बहुत यथार्थ है
\n● भारत और अध्यात्म
\n● भारत और पूंजीवाद
\n● भारत और राजनीति
\n● धार्मिक आदमी और वैज्ञानिक आदमी मे क्या फर्क है ?