Osho World Online Hindi Magazine :: March 2012
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ओशो दर्शन
सोचना-विचारना और जीना

मनुष्य का विकास मस्तिष्क की तरफ हुआ है। मनुष्य मस्तिष्क से भरा है

गौतम बुद्ध की वाणी अनूठी है। और विशेषकर उन्हें, जो सोच-विचार, चिंतन-मनन, विमर्श के आदी हैं। हृदय से भरे हुए लोग सुगमता...

अभिनय की कला

बुद्धत्व को उपलब्ध व्यक्ति एक अभिनेता ही है। वह इससे अन्यथा हो ही नहीं सकता

प्यारे ओशो! क्या आपके सुनहरे भविष्य में बोधि को उपलब्ध अभिनेताओं की भी वहां एक टोली...

विज्ञान और टेक्नोलोजी

टेक्नोलोजी और विज्ञान समस्याएं नहीं हैं। समस्या है अविकसित मनुष्य

प्यारे ओशो, आधुनिक मनुष्य कौन है? क्या विज्ञान और तकनीकी ने आधुनिक मनुष्य को भ्रष्ट कर दिया है...

ओशो का ओशनिक साहित्य

स्वर्णिम बचपन
एक बुद्धपुरुष का विद्रोही बचपन


ओशो के जीवन पर आधारित यह पुस्तक हिंदी तथा अंग्रेजी दोनों संस्करणों में प्रकाशित हुई है। अंग्रेजी में यह पुस्तक ‘ग्लिंप्सेज ऑफ ए गोल्डन चाइल्डहुड’ के नाम से उपलब्ध है। हिंदी में 50 सत्र तथा 23 प्रकरण हैं...

शिक्षा में क्रांति

प्रस्तुत पुस्तक ‘शिक्षा में क्रांति’ कालजयी चिंतक के विचारवान रचना-संसार का वह आईना है, जिसमें देखने पर पाठक की दृष्टि ही नहीं दृष्टिकोण ही बदल जाता है। जो हमारी सोच के आयामों को तराशता, निखारता है...

लाइफ, लव, लाफ्टर: सेलिब्रेटिंग योर एक्ज़िसटेंस

दुनिया का साहित्य बाज़ार आज भरा पड़ा है उन पुस्तकों से जो आपको जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं, आपके मन-प्राणों को उत्साहित करती हैं। लेकिन सेंट मार्टिन प्रेस द्वारा प्रकाशित ओशो के प्रवचनांशों का यह संकलन सर्वथा अनूठा व अद्वितीय है..

एक ओंकार सतनाम

ओशो द्वारा गुरु नानकदेव जी के जपुजी पर दिए गए बीस अमृत प्रवचनों का अपूर्व संकलन है। गुरुनानक के लोकप्रिय, गीतवाही वचन ‘जपुजी’ एक अद्वितीय काव्य है...

गीता-दर्शन

ओशो ने श्रीमदभगवदगीता के अठारह अध्यायों पर अमृत-प्रवचन दिए हैं जिसके 8 खंड हैं...

ओशो: दि लूमिनस रेबॅल
संबुद्ध रहस्यदर्शी की जीवन-गाथा


इस पुस्तक के लेखक हैं स्वामी सत्य वेदांत (डॉ. वसंत जोशी)। यह पुस्तक अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित हुई है और इसके प्रकाशक हैं: विज़डम ट्री।
ओशो: दि लूमिनस रेबल के 19 अध्याय हैं। इसके संबंध में लेखक का कहना है कि इस पुस्तक में उन्होंने ‘दि अवेकन्ड वन-लाइफ एंड वर्क आफ भगवान श्री रजनीश (हार्पर एंड राउ द्वारा पूर्व-प्रकाशित) को भी समाहित किया है...

मैंने राम रतन धन पाओ

यह पुस्तक मीरा-वाणी पर प्रश्नोत्तर सहित पूना में ओशो द्वारा दिए गए दस अमृत प्रवचनों का अनुपम संकलन है।
इसके प्रस्तावना में सुप्रसिद्ध कवि गोपालदास ‘नीरज’ लिखते हैं: ‘‘ओशो के अनुसार यह प्रवचन नहीं बल्कि मीरा के प्रेम की झील में नौका-विहार के लिए निमंत्रण-पत्र है...

कृष्ण स्मृति

ओशो द्वारा कृष्ण के बहु-आयामी व्यक्तित्व पर दी गई 21 वार्ताओं एवं नव-संन्यास पर दिए गए एक विशेष प्रवचन का अप्रतिम संकलन। यही वह प्रवचनमाला है जिसके दौरान ओशो के साक्षित्व में संन्यास ने नये शिखर को छूने के लिए उत्प्रेरणा ली...

प्रेम पंथ ऐसो कठिन

‘‘प्रेम पंथ ऐसो कठिन’’ ओशो की यह पुस्तक निश्चित ही हमारे जीवन को, प्रेम में गिरना, प्रेम में होना, और प्रेम ही होना-प्रेम के इन तीन रूपों को स्पष्ट करते हुए ओशो इस प्रश्नोत्तर प्रवचनमाला का प्रारंभ करते हैं...

 
 20वां विश्व पुस्तक मेला - 2012

 
ध्यान-विधि

आधुनिक मनुष्य के लिए ध्यान-विधियां
सक्रिय ध्यान, कुंडलिनी ध्यान, नटराज ध्यान, नादब्रह्म ध्यान, विपस्सना

ध्यान क्या है?
साक्षी है ध्यान की आत्मा...

 
 ओशो कथा-सागर

निन्यानबे का फेर!

एक सम्राट का एक नौकर था, नाई था उसका। वह उसकी मालिश करता, हजामत बनाता। सम्राट बड़ा हैरान होता था कि वह हमेशा प्रसन्न, बड़ा आनंदित, बड़ा मस्त! उसको एक रुपया रोज मिलता था। बस, एक रुपया रोज में वह खूब खाता-पीता, मित्रों को भी खिलाता-पिलाता...

 
जीवन का रूपांतरण

Swami Chaitanya Amritओशो मेरा जीवन हैं

आज मैं खुद को देखता हूँ तो ऐसा महसूस होता है कि यह जीवन ओशो का है। ओशो जो हैं, देखते हैं, सुनते हैं, बताते हैं और साथ रहते हैं मेरा नाम लोकेश कुमार गुलाटी है और मैं एक मल्टी नेशनल कंपनी में काम करता हूँ जहां विदेशी और भारतीय कानून के अनुसार जो भी शिकायतें होती है...

 
स्वास्थ्य

बीमारी क्या है? स्वास्थ्य क्या है?

चिकित्सा-शास्त्र सिर्फ शरीर का इलाज कर रहा है, तो उन तरंगों का क्या होगा जो दूर तट पर पहुंच गयीं? औषधिशास्त्र, मेडिसिन--आदमी की ऊपर से बीमारियों को पकड़ता है। मेडिटेशन, ध्यान का शास्त्र--आदमी को गहराई से पकड़ता है...

ओशोधाम-आगामी ध्यान शिविर

ओशो सम्बोधि दिवस महोत्सव
17 से 21 मार्च, 2012 तक
संचालन - स्वामी सत्य वेदांत और स्वामी रविन्द्र भारती
स्थान - ओशोधाम, नई दिल्ली
फोन - 011-25319026, 25319027

रहस्यदर्शियों पर ओशो

भूरिबाई

प्रश्न: ओशो,
चुप साधन, चुप साध्या, चुप मा चुप्प समाय।
चुप समझारी समझ है, समझे चुप हो जाय।।
भूरिबाई के इस कथन पर कुछ कहने की अनुकंपा करें...

गतिविधियाँ

चांपा, छत्तीसगढ़

22 जनवरी को स्वामी चैतन्य कीर्ति तथा स्वामी आनंद अरुण ने ओशो प्रेम ध्यान आश्रम का लोकार्पण किया। साथ-ही 25 से 30 जनवरी अमरकंटक में ध्यान सत्संग शिविर लगाया गया। स्वामी आनंद अरुण के संचालन में 200 मित्र उपस्थित हुए...

 ओशो वर्ल्ड विशेष रिपोर्ट

ध्यान संगीत सी. डी. तथा डी. वी. डी. का अनावरण

गत् माह 1 फरवरी को नई दिल्ली स्थित ओशो वर्ल्ड गैलेरिया में ध्यान विधियों की पांच नई डी.वी.डी. तथा ध्यान-संगीत सी.डी. का अनावरण हुआ।

ध्यान-विधियों की सी.डी. का लोकार्पण करने के लिए एक फरवरी की संध्या 5:30 बजे, देश की प्रथम महिला आई.पी.एस. डॉ. किरण बेदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुईं। साथ-ही डॉक्यूमेंट्री फिल्म की निर्माता डॉ. लवलीन थडानी भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं।

प्रोग्राम के दौरान ओशो महामुद्रा ध्यान की डी.वी.डी. उपस्थित मित्रों को दिखाई गई।

हास्य-ध्यान

एक साहब अपने दोस्तों के बीच बैठे हुए अपने साले की लड़की की बड़ी बड़ाई कर रहे थे। कह रहे थे: लड़की का कद भी बहुत ऊंचा है। उसकी नाक भी बहुत ऊंची है। उसने शिक्षा भी बहुत ऊंची प्राप्त कर रखी है। उनके परिवार का स्टैंडर्ड ही बहुत ऊंचा है। और तो और...इतने में ही एक आदमी ने कहा कि हां, वह सुनती भी बहुत ऊंचा है।

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