Osho World Online Hindi Magazine :: February 2012
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ओशो दर्शन
समर्पण: समग्र का...


समर्पण से मेरा मतलब है: तुम्हारी सारी चेतन सामर्थ्य से समर्पण...

संकल्प-शक्ति...


संकल्प नहीं, होनी चाहिए संकल्प-शक्ति...

प्रेम, विवाह और तंत्र-चिकित्सा

और तुम पाओगे, तुम्हारा प्रेम इस मुक्ति में बढ़ेगा, फलेगा, गहरा होगा। और जल्दी ही तुम दोनों ही ध्यान की तरफ अपने आप आकर्षित हो...

प्रेम: सपना होना...


जितनी जल्दी टूट जाए, उतना सौभाग्य है...

कविता

अर्पित मेरी भावना-इसे स्वीकार करो!

तुमने गति का संघर्ष दिया मेरे...

 ओशो कथा-सागर

प्रेम और ध्यान की खदान

एक राजधानी में एक भिखारी एक सड़क के किनारे बैठकर बीस-पच्चीस वर्षों तक भीख मांगता रहा। फिर मौत आ गयी, फिर मर गया। जीवन भर यही कामना की कि मैं भी सम्राट हो जाऊं। कौन भिखारी ऐसा है, जो सम्राट होने की कामना नहीं करता? जीवन भर हाथ फैलाये खड़ा रहा...

जीवन का रूपांतरण

Swami Jivan Aavirbhavजीवन आविर्भाव

पहली बार मुझे सद्गुरु ओशो के बारे में 1976 में एक अखबार के जरिये पता चला तब उन्हें भगवान रजनीश से संबोधित किया जाता था। उन दिनों में कुछ लोगों के मुख से भी अनेक बार उनके बारे में सुना पर सरकारी नौकरी की व्यस्तता और कुछ शारीरिक परेशानियों की वजह से मैं उस समय पूना नहीं जा सका, लेकिन सौभाग्यवश 1993 में मा योग नीलम से बात हुई। तो उन्होंने ध्यान के बारे में बताया...

 समाचार-जगत


ओशोधाम-आगामी ध्यान शिविर

मिस्टिक रोज ग्रुप
18 फरवरी से 9 मार्च, 2012 तक
संचालन - स्वामी रविन्द्र भारती
स्थान - ओशोधाम, नई दिल्ली
फोन - 011-25319026, 25319027

रहस्यदर्शियों पर ओशो

नागार्जुन

मैं तुम्हें नागार्जुन के जीवन से एक प्रसंग बताता हूं। भारत ने जो महान गुरु पैदा किए हैं, नागर्जुन उनमें से एक थे। वे बुद्ध, महावीर और कृष्ण की क्षमता रखते थे। और नागार्जुन एक दुर्लभ प्रतिभा थी। सच तो यह है कि बौद्धिक तल पर सारी दुनिया में वे अतुलनीय हैं...

ध्यान-विधि

हंसना-ध्यान

हंसना कुछ ऊर्जा तुम्हारे अंतर्केंद्र से परिधि पर ले आती है। ऊर्जा हंसने के पीछे छाया की भांति बहने लगती है। तुमने कभी इस पर ध्यान दिया? जब तुम वास्तव में हंसते हो, तो उन थोड़े से क्षणों के लिए तुम एक गहन ध्यानपूर्ण अवस्था में होते...

स्वास्थ्य

सम्यक-आहार

ऐसा कोई भी भोजन जो उत्तेजक है, मनुष्य की चेतना को नुकसान पहुंचाना शुरू करता है। ऐसा कोई भी भोजन जो मनुष्य को किसी भी तरफ की मूर्छा में, उत्तेजना में, किसी भी तरह की तीव्रता में...

 ओशो वर्ल्ड विशेष रिपोर्ट

ओशो दिवस महोत्सव एवं लाइव म्युज़िक सत्संग

ओशो दिवस 19 जनवरी के उपलक्ष में राजधानी स्थित ओशो वर्ल्ड गैलेरिया में 17 जनवरी को फ्लूट-संगीत पर आधारित ध्यानोत्सव का आयोजन किया गया

उत्सव की शुरुआत ओशो के समक्ष दीप जलाकर हुई। साथ-ही मौन के साथ ओशो-प्रवचन हुए।

महोत्सव में इटली से आए ‘रेनो सहज’ ने अद्भुत बांसुरी-वाद्य से संगीत की प्रस्तुति दी...

 विश्व पुस्तक मेला - 2012

ओशो वर्ल्ड स्टाल
20वां विश्व पुस्तक मेला
25 फरवरी से 4 मार्च
प्रगति मैदान, नई दिल्ली

गतिविधियाँ

पोखरा, नेपाल

9 दिसम्बर को नव-निर्मित ओशो कम्यून का उद्घाटन नेपाल के राष्ट्रपति डॉ. रामवरण यादव ने किया। इस अवसर पर ओशो प्रेमियों के साथ-साथ विभिन्न विद्या के अनेक गणमान्य व्यक्तियों की महत्वपूर्ण भागीदारी रही। केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर स्वामी आनंद अरुण ने महामहिम के साथ ओशो वर्ल्ड पत्रिका का लोकार्पण भी करवाया...

पुस्तक परिचय

वर्क इज़ लव मेड विजिबल

अंग्रेजी भाषा में यह नयी पुस्तक ओशो की लोनावला, नारगोल, मुंबई तथा माथेरान में हुई 14 अंतरंग चर्चाओं का अनूठा संकलन है।

इन प्रवचनों को हिंदी के पाठक ‘अनंत की पुकार’ पुस्तक में पढ़ सकते हैं। अंतिम प्रवचन पहली बार इस नव-निर्मित पुस्तक में प्रकाशित हुआ है।

हास्य-ध्यान

मरीज मुस्कुराता हुआ आया तो डाक्टर साहब बोले: वाह, लगता है मेरा इलाज काम कर गया।
मरीज: जी हां, आपने दवा की जो शीशी दी थी, उस पर लिखे डायरेक्शन पर अमल करने से कमाल हो गया।
डाक्टर: क्या लिखा था उस पर?
मरीज: यही कि शीशी का ढक्कन कसकर बंद रखें।

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पुराने अंक: दिसम्बर 2011 | जनवरी 2012
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