Osho World Online Hindi Magazine :: April 2013
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ओशो दर्शन
नृत्य में डूबो और उत्सव मनाओ

निश्चित ही यही धर्म है। और अगर तुम नृत्य में डूब सकते, गीत नहीं गा सकते, उत्सव नहीं मना सकते-तो और क्या करोगे?
ज्योति अंश है परमात्मा का

अंधेरा कितना ही हो नीलम, और कितना ही पुराना हो, कुछ भेद नहीं पड़ता। जो दीया हम ला रहे हैं, जो रोशनी हम जला रहे हैं...
क्यों है मन में ऊबाऊपन

संसार में जितनी चीजें हैं, उनको पाने की चेष्टा में आदमी कभी नहीं ऊबता, पाकर ऊब जाता है। पाने की चेष्टा में कभी नहीं ऊबता, पाकर ऊब जाता है...
बाल जगत
खेलों का इतिहास

मनोरंजन और शारीरिक स्फूर्ति के लिए खेलों का खेलना हमेशा प्रिय रहा है। खेल की प्रकृति चाहे जो भी हो परिणाम हमेशा, हमारे दिल, दिमाग और शरीर के लिए सकारात्मक ही होता है। इसीलिए खेलों का परचम घर की चारदीवारी से लेकर बड़े मैदानों  तक फैला हुआ है। आधुनिक खेलों में हार-जीत के मायनों ने अपनी अलग ही जगह बना ली है। लेकिन 'खेल की भावना' ने मुल्कों की सरहदों में भी प्रेम का बीज बोया है... 
विशेष
नर्क के पच्चीस हजार!

तुम जैसे हो, मुझे स्वीकार हो। मगर यह ‘खोटे’ वगैरह होने का अहंकार मत घोषित करो। ये तरकीबें नहीं। खोटे हो, तो ठीक। क्या हर्जा? कौन खोटा नहीं है? मगर खोटे की घोषणा करके तुम इस भ्रांति में न पड़ो कि तुम दूसरो से विशिष्ट हुए जा रहे हो...
गतिविधियां
ओशो संबोधि दिवस

21 मार्च को नई दिल्ली स्थित ओशोधाम में सदगुरु ओशो का संबोधि दिवस बड़े हर्षौल्लाष के साथ मनाया गया जिसमें अनगिनत ओशो प्रेमियों और संन्यासियों की उपस्थित रही। कार्यक्रम का संचालन मा योग शुक्ला व स्वामी रविन्द्र भारती ने किया।
ध्यान विधि
स्वर्णिम प्रकाश ध्यान

श्वास भीतर लेते हुए स्वर्णिम प्रकाश को सिर से अपने भीतर आने दो, क्योंकि वहीं पर ही स्वर्ण-पुष्प प्रतीक्षा कर रहा है। वह स्वर्णिम प्रकाश सहायक होगा...
ओशो जीवन रहस्य
मंत्रः एक श्रद्धा शक्ति

मंत्र का अर्थ होता हैः जो मन को रुझा ले। मंत्र का अर्थ होता हैः जो मन को भा जाए, जो मन को रंग ले, जो मन के लिए सूत्र बन जाए...
भारत एक सनातन यात्रा
क्या है अच्छा और बुरा?

बुरा मैं उसे कहता हूं, जहां मन कहे कि और आगे। भला मैं उसे कहता हूं, जहां मन कहे कि बस यहीं। यानी माइंड की जो, जो-जो हम कर रहे हैं...
एक सवाल?

खुद पर संदेह करो

मैं अपनी पत्नी का भरोसा नहीं कर पाता हूं। वह मेरी न सुनती है, न मानती है। उसके चरित्र पर भी मुझे संदेह है। इससे चित्त उद्विग्न रहता है। क्या करूं...

स्वास्थ्य
मन और बीमारी का संबंध

अगर आप बीमार पड़े हैं और आपको पता चला कि डाक्टर ने ऐसा कहा है कि बिलकुल ठीक हैं, कोई खास बीमारी नहीं है तो तत्काल आपके भीतर बीमारी क्षीण होने का अनुभव आपको हुआ होगा-तत्काल...
युवा-ज़ोन
सभी युवक, युवक नहीं

सभी युवक, युवक नहीं होते। सभी बूढे, बूढ़े नहीं होते। जिसे युवक होने की कला आती है, वह बूढ़ा होकर भी युवक होता है। और जिसे युवक होने की कला नहीं...
ओशो-साहित्य परिचय
जिन-सूत्र भाग-1

प्रस्तुत पुस्तक में भगवान महावीर के ‘समण-सुत्तं’ पर प्रश्नोत्तर सहित पुणे में ओशो द्वारा दिये गये 62 अमृत प्रवचनों में से 16 ( 01 से 16) अनुपम संकलन है। अपने प्रवचनों में सदगुरु ओशो ने जैनों के 24वें तीर्थकर महावीर की छवि को अनूठा बताया हैं...

जिन सूत्र भाग-2

ओशो की यह पुस्तक महावीर के सम्बंध ऐसे कई महत्वपूर्ण प्रवचनों को समेटे हुई है। जिन-सूत्र भाग दो में 62 प्रवचनों में से 15 (17 से 31) अमृत प्रवचनों का समावेश है...
ओशो कथा-सागर
उत्तराधिकारी कौन होगा?

तिब्बत में यह प्राचीन कहावत है कि सैकड़ों चलते हैं लेकिन मुश्किल से एक पहुंचता है--वह भी दुर्लभ है...
मुझे एक प्राचीन तिब्बती कथा याद आती है...
अहोभाव
ओशो वर्ल्ड गैलेरिया - आगामी कार्यक्रम

मुल्ला नसरुद्दीन दिवस

1 अप्रैल, 2013
शाम 6:30 बजे

स्थान: ओशो वर्ल्ड गैलेरिया, नई दिल्ली
फोन : 011-26261616/17
रहस्यदर्शियों पर ओशो
अनूठा व्यक्तित्व अल हिलाज मंसूर

अल हिलाज मंसूर को कत्ल किये जाने से नौ वर्ष पूर्व ही कारागार में बंदी बनाकर डाल दिया गया था। और वह अत्यधिक प्रसन्न था क्योंकि उसने नौ वर्षों का उपयोग...
हास्य ध्यान

घर में कलह होंने के बाद पति ने गुस्से में पंखे से रस्सी का फंदा लटकाया और स्टूल पर चढ़कर रस्सी को गले में डालने के लिए तैयार हो गया। पत्नी-जो, कुछ करना है जल्दी करो। पति-तुम मुझे शांति से मरने भी नही दोगी। पत्नी-मुझे अभी स्टूल की जरुरत है।
टैरो
अप्रैल 2013
- मा दिव्यम नदीशा


तुम अपने बीते हुए कल के बारे में सोच सकते हो, इससे दुखी हो सकते हो। तुम आने वाले कल के विषय में सोच सकते हो, दुखी हो सकते हो। लेकिन इस क्षण, इस प्राणवान, धड़कते हुए यथार्थ क्षण में क्या तुम दुखी हो सकते हो...
ओशोधाम-आगामी ध्यान शिविर
सेवेन स्टेप टू समाधि

8 से 14 अप्रैल, 2013
संचालन - स्वामी रवीन्द्र भारती
स्थान - ओशोधाम, नई दिल्ली 
फोन - 011-25319026, 25319027
मोबाइल - 09717490340
  समाचार सार
 
  जीसस का वक्तव्य कितना अदभुत है
आज का आनंद, पुणे, 8 मार्च 2013
अच्छा, इस तौलिए को हटाओ! आशु मुझे अपना काम शुरू करना है और तुम समझ सकती हो...
सच्चे आनंद का अनुभव हो तो बात बने
स्वतंत्र वार्ता, हैदराबाद, 8 मार्च 2013
मित्रता दो प्रकार की हो सकती है। एक मित्रता वह होती है जिसमें तुम भिखारी होते हो...
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