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मुद्रा दो कौड़ी क
Posted by admin    Thursday, November 10, 2016 at 06:05
सद्गुरु ओशो ने कई साल पहले एक प्रवचन में कहा था. (तुम जिसको पैसा समझते हो वह एक मान्यता है अगर किसी दिन सरकार बदल जाए और रातोरात यह एलान किया जाए कि फला फला नोट नहीं चलेगा तो तुम क्या करोगे ??

मान्यता को बदलने में देर कितनी लगती है??

चंद कागज के टुकड़ों पर किसी का चित्र और हस्ताक्षर करने से वह मुद्रा बन गई और व्यवहारिक काम में आने लगी...

अब मान्यता बदल गई तो वह मुद्रा दो कौड़ी की हो जाएगी ...
सारा खेल मान्यता का है....

थोड़ा मान्यता से ऊपर उठो उसे देखो जो है धन के पीछे इतना भी मत भागो कि वह भी ना देख पाऊं जो देखा जा सकता है....)

कई सालों पहले की गई यह बात आज भी सार्थक लगती है 500 - 1000 के नोट नहीं चलने की बात पर...

सच्ची बात है बुद्ध पुरुषों की बात सालों बाद समझ में आती है ....